Wednesday, July 14, 2010

अब ऑक्टोपस बाबा की चांदी

विश्वकप के समापन के साथ ही फुटबॉल और वुवुजेला का शोर थम गया लेकिन ज्योतिषाचार्य ऑक्टोपस जी महाराज की भविष्यवाणी की गूंज अब भी फिजाओं में बरकरार है। लोग भले ही 19वें फुटबॉल विश्वकप के घटनाक्रम को भूल जाएं लेकिन ऑक्टोपस जी महाराज वर्षो तक उनके जेहन में जरूर रहेंगे। ऑक्टोपस जी महाराज को नवीनतम ज्योतिषाचार्य की पदवी विश्वकप से ही तो मिली है! इनकी शत-प्रतिशत सफलता भाग्य में यकीन रखने वालों के लिए ऑक्सीजन से कम नहीं और ये सारे लोग जर्मनी की ओर कूच करने को बेताब हैं, ताकि कल के बारे में सही-सही जानकारी मिल सके!

गली के मोड़ पर चाय की दुकान चला रहे रामू को फिक्र है कि आने वाले दिनों में उसका बिजनेस कैसा रहेगा। उसे यह डर सता रहा है कि कहीं लोग चाय पीना बंद तो नहीं कर देंगे। रामू यह भी जानना चाहता है कि अब दूध के दाम कब बढ़ेंगे? चाय की कीमत और कितनी ऊपर जाएगी और चीनी रुकेगी भी या नहीं। हां, दाल की कीमतों से उसका कोई खास लेना-देना नहीं है।

पिछले हफ्ते कॉलेज में कदम रखने वाली हमारे पड़ोसी वर्मा जी की बेटी भी ज्योतिष ऑक्टोपस की सफलता से मंत्रमुग्ध है। वह ऑक्टोपस जी महाराज से जानना चाहती है कि कॉलेज में उसे कनखियों से देखना वाला लड़का कब तक उसके इशारे पर नाचने लगेगा। क्या उस क्यूट लड़के से उसका अफेयर सफल रहेगा? वह जानना चाहती है कि उसके मम्मी-पापा इससे नाराज तो नहीं होंगे या वह उन्हें शादी के लिए मनाने में कामयाब तो हो जाएगी?

शर्मा जी का बेटा ऑक्टोपस जी महाराज को अपने घर में लाकर रातों-रात करोड़पति बनने का ख्वाब देख रहा है! वह शर्मा जी को मनाने में लगा है कि एक बार उसे जर्मनी जाने की इजाजत दे दें। बस, वह करोड़पति बनने के सूत्र के साथ वापस लौट अएगा! सीधे-सादे शर्मा जी अपने बेटे के इस उत्साह को समझ नहीं पा रहे हैं। वह उससे कॉलेज की कट-ऑफ सूची देख आने की जिद कर रहे हैं!

मैं इन सबों को देख कर हैरत में हूं कि इससे जर्मनी को कितना फायदा होगा। बिना कुछ किए ही उसे कितने पर्यटक मिल रहे हैं! मंदी के बाद तो ऑक्टोपस जी महाराज ने उसके वारे-न्यारे करा दिए। एक हम हैं, जो करोड़ों रुपए खर्च कर और शहर में जगह-जगह गड्ढे खोद कर पर्यटकों को लुभाने के सूत्र पर चल रहे हैं। मुङो इस बात का अफसोस भी है कि हम अपने पुराने भविष्यवक्ता तोते की ब्रांडिंग को भुनाने में असफल रहे! चलिए कम से कम सबक तो मिला ही।

Wednesday, July 7, 2010

फुटबॉल एक जादुई खेल!


वाकई फुटबॉल एक जादुई खेल है, जिसके सम्मोहन में अधिकांश खेल प्रेमी बंध गए हैं। अपना देश फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले रहा है बावजूद इसके फुटबॉल का जादू खेल प्रेमियों के सिर चढ़ कर बोल रहा है। खेल प्रेमियों से लेकर खेल की खबर पहुंचाने वाले तक इसकी खुमारी से बच नहीं पाए हैं।

फुटबॉल का सम्मोहन वलर्ड कप के आयोजन के दिन से ही है। लीग मैचों में हिस्सा लेने वाले कई छोटे-छोटे देशों को खेल प्रेमी जानते भी नहीं थे। लेकिन अपनी चहेती टीम और खिलाड़ियों को समर्थन करने वाले खेल प्रेमी पौ फटने तक सूजी हुई आंखों के साथ टीवी से चिपके रहे। फुटबॉल का सम्मोहन इतना मजबूत है कि भारत द्वारा 15 साल बाद क्रिकेट का एशिया कप जीतने की खबर अखबार के खेल के पन्ने के एक कोने में सिमट कर रह गई। इससे साफ जाहिर है कि फुटबॉल का नशा चारों ओर है। इसके आगे क्रिकेट और टेनिस सब की चमक फीकी है। अपने देश के पूर्व क्रिकेटर (सौरभ गांगुली) भी क्रिकेट की बजाए फुटबॉल वर्ल्ड कप की संभावनाओं पर कलम चला रहे हैं। इस दौरान इंग्लैंड में विम्बलडन चल रहा है लेकिन फुटबॉल और वुवुजेला के आगे रोजर फेडरर और राफेल नडाल सहित टेनिस की सुंदरियों का जादू भी नहीं चल पाया।

एक मजेदार बात यह भी है कि फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ही दूसरे खेलों में कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए। उदाहरण के लिए क्रिकेट के एशिया कप को ही ले लिया जाए या साइना नेहवाल का इंडोनेशिया सुपर सीरीज जीतना। नेहवाल का यह लगातार तीसरा खिताब था तो भारतीय क्रिकेट टीम ने डेढ़ दशक बाद एशिया कप जीता। क्रिकेट के दीवाने अपने देश में फुटबॉल का जुनून देखकर सिर्फ अचरज ही किया जा सकता है!

हालांकि फुटबॉल का असली जादू तो प्री-क्वार्टर फाइनल से शुरू हुआ। क्वार्टर फाइनल में फाइनल जीतने की दावेदार दो मजबूत टीम-ब्राजील और अर्जेटीना बाहर हो गईं। ब्राजील को हॉलैंड ने हराया जबकि जर्मनी ने अर्जेटीना को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद खेले गए पहले सेमीफाइनल में हॉलैंड ने उरुग्वे को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम का फैसला आज देर रात खेले जाने वाले जर्मनी और स्पेन के मैच से होगा।

फाइनल में चाहे जिन दो देशों के बीच मुकाबलो हो फुटबॉल वर्ल्ड कप के कई आश्चर्यजनक परिणामों को देखते हुए फुटबॉल को चमत्कारी और जादुई खेल कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। बस, अब इस चमत्कारी खेल के समापन में कुछ रोज ही बचे हैं। जमकर मजा लीजिए इस खेल का!

Friday, July 2, 2010

बड़ा उलटफेर- ब्राज़ील बाहर

विश्व कप फुटबॉल में इस बार के सबसे बड़े उलटफेर में कप की प्रमुख दावेदार और पांच बार की विश्व विजेता टीम ब्राजील क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड से 2-1 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई। ब्राजील को जसे खुद इस परिणाम पर यकीन नहीं था। उसे फीफा ने पहली वरीयता की टीम घोषित किया था।

ब्राजील की पराजय से दक्षिण अफ्रीका में चल रही प्रतियोगिता की चमक कुछ फीकी पड़ गई क्योंकि पहले विश्व कप से अब तक विश्व स्तर पर फुटबॉल का इतिहास दरअसल ब्राजील का इतिहास रहा है। ब्राजील ने 1958, 62, 70, 94 और 2002 का कप जीता था और 1950 व 1998 में वह उप विजेता रहा।

शनिवार को ब्राजील ने मुकाबले की शुरुआत धमाकेदार ढंग से की और 10वें मिनट में रोबिन्हो ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके पहले एक गोल और हो सकता था लेकिन रोबिन्हो के इस गोल को ऑफ साइड होने की वजह से नकार दिया गया। आधे समय तक ब्राजील की बढ़त कायम रही लेकिन उत्तरार्ध लगभग पूरी तरह नीदरलैंड का रहा, जिसकी शुरुआत ब्राजील की अपनी गलती से हुई। 53वें मिनट में ब्राजील के फेलिप मेलो का एक हेडर सीधा गोल में चला गया और इस आत्मघाती गोल ने स्कोर बराबर कर दिया।

कदम-कदम से मिलती मंजिल

एफएम रेडियो चैनल अक्सर श्रोताओं से कोई आसान-सा सवाल पूछकर सही जवाब देने वालों को गिफ्ट हैम्पर, गिफ्ट वाउचर और फिल्म के कपल टिकट आदि देते हैं। ऐसे ही एक हिट एफएम चैनल के भारी भरकम आवाज वाले आरजे ने श्रोताओं से एक आसान-सा सवाल किया। सवाल था-गर्लफ्रेंड बनाने के कुछ जोरदार नुस्खे बताइए? भले ही आरजे को यह सवाल आसान लगा हो लेकिन यह सवाल कतई आसान नहीं! उनके लिए तो बिल्कुल ही नहीं जो गर्लफ्रेंड बनाने में फेल हो गए हों! हालांकि चैनल को ढेर सारे जवाब मिले उन्हीं में से एक श्रोता का जवाब कुछ यूं था-

स्टेप-1 : सबसे सस्ता और बेहतर नेटवर्क वाली कंपनी का सिम कार्ड ले लें। इससे आप एसएमएस और कॉल के जरिए सुबह से लेकर देर रात तक लड़की के संपर्क में रह सकते हैं! ये जमाना चिट्ठी-पत्री का नहीं, बल्कि बहुत तेज चलने वालों और संचार क्रांति का है। आपके मोबाइल में हमेशा बैलेंस भी होना चाहिए। क्योंकि आपको मिस्ड कॉल आते ही कॉल करना होगा और आधी रात के बाद गली वाले मंगू की परचून की दुकान खुली नहीं मिलेगी!

स्टेप-2 : इसके बाद जो सबसे जरूरी काम है उसके लिए जिम ज्वाइन करें। जिम में चौड़े सीने और बलिष्ठ भुजाएं बनाने से पहले कमर और गर्दन को लचीला बनाने वाले व्यायाम की प्रैक्टिस करें। क्योंकि सबसे ज्यादा इन्हें ही झुकाना पड़ेगा। गर्दन और कमर जितनी लचीली होगी गर्ल उतनी जल्दी आपकी फ्रेंड बन जाएगी! अब आप भुजाओं को बलिष्ठ बनाने की तैयारी कर सकते हैं क्योंकि पहले भुजाओं को मजबूत बनाने वाले लोग गर्लफ्रेंड बनाने में असफल रहे हैं!

स्टेप-3 : अब तक आपकी गाड़ी पटरी पर आ चुकी होगी। इसलिए जोश में आकर चांद-सितारे तोड़ कर लाने की बात हरगिज न करें, क्योंकि आजकल लड़कियां भी बड़ी तेज होने लगी हैं। उन्हें पता है कि चांद पर अमेरिका का कॉपीराइट है। अमेरिका की इजाजत के बिना कोई चांद के बारे में सोच भी नहीं सकता! भारत के चंद्रयान -1 पर भी उसने अपने यंत्र लगाकर पानी का पता लगाने का श्रेय हासिल कर लिया। इसलिए बातों को पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राई, कोल्ड ड्रिंक्स और कॉफी के आसपास ही घुमाते रहें! लड़की की नजर में आपकी छवि वास्तविक इंसान की बन जाएगी और वो आपकी ओर आकर्षित हो जाएगी।

एफएम का आरजे जवाब पाकर कुर्सी से लगभग उछल गया! उसने इतने सटीक और काम आने वाले जवाब की कल्पना नहीं की थी। आरजे ने जवाब देने वाले श्रोता की तारीफ अपने बॉस से की और उसे रात का शो एफएम लव का तड़का दिलवा दिया। आज जवाब देनेवाला श्रोता एक सफल लव गुरु है!